MSP क्या हैं? एमएसपी (मिनिमम सपोर्ट प्राइस) पर क्यों अड़े हैं किसान 2022

जब से मोदी सरकार ने तीनों कृषि कानून लाए हैं तब से लेकर आज तक सरकार और किसानों के बीच जंग छिड़ी हुई है और राजनीतिक दलों में भी बहस छिड़ी हुई हैं। इन सभी के बीच एक चीज़ है जिस पर किसान तीनों कृषि कानून वापस होने पर भी अड़े हैं वह हैं, MSP ( Minimum Support Price) या यू कहे कि "न्युनतम समर्थन मूल्य"। आखिर यह msp हैं क्या जिस पर इतनी अधिक बहस हैं और साथ ही जानेंगे कि सरकार इन पर कानून क्यो नहीं बनना चहाती हैं।

MSP kya hai
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भारत में कब से शुरू हुई MSP की व्यवस्था

भारत में न्यूनतम समर्थन मूल्य एमएसपी का आरम्भ सन 1966-67 में हुई। इसी वित्तीय वर्ष से ही हर साल अधिसूचित फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित किए जाते रहे हैं। न्यूनतम समर्थन मूल्य कृषि लागत एवं मूल्य आयोग द्वारा तय किए जाते हैं।

MSP क्या है?

MSP जिसे न्यूनतम समर्थन मूल्य के नाम से भी जाना जाता है, यह एक प्रकार की निर्धारित आय होती है जो किसानों को उनकी फसलों पर प्रदान की जाती है, चाहे फसल कि ज्यादा उत्पाद हुई हो या कम। इससे किसानों को किसी प्रकार का नुकसान नहीं होता है।

MSP अब तक 26 फसलों पर लागू की गई है। Msp में पूरे भारत में 6 प्रतिशत ही लोग फायदा उठा सकते हैं। जिसमें से प्रमुख है, पंजाब व हरियाणा की लोग।

MSP की घोषणा कौन करता है?

किसी कृषि उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य वह मूल्य है, जिससे कम मूल्य देकर किसान से सीधे वह उपज नहीं खरीदी जा सकती। न्यूनतम समर्थन मूल्य, भारत सरकार तय करती है। भारत सरकार ने वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए रबी की फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की घोषणा की है।

MSP कैसे तय की जाती है?


फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य CACP यानी कृषि लागत एवं मूल्य आयोग तय करता है,CACP तकरीबन सभी फसलों के लिए दाम तय करता है, आयोग समय के साथ खेती की लागत के आधार पर फसलों की कम से कम कीमत तय करके अपने सुझाव सरकार के पास भेजता है, सरकार इन सुझाव पर स्टडी करने के बाद एमएसपी की घोषणा करती है।

1. Msp देश के अलग-अलग इलाकों में किसी खास फसल की लागत।
2. खेती का खर्च और आने वाले अगले साल में होने वाले बदलाव।
3. देश के अलग-अलग क्षेत्र में प्रति क्विंटल अनाज को गाने की लागत।
4. प्रति क्विंटल अनाज उगने वाला खर्च और अगले साल में होने वाला बदलाव।
5. अनाज की कीमत और आगे 1 साल में होने वाला औसत बदलाव।
6. सरकारी और सार्वजनिक एजेंसी जैसे एसपी और नफेड स्टोरेज क्षमता।
7. विश्व में अनाज की मांग और उसकी उपलब्धता।

Msp तैयार करने में क्या समस्या आती है?

1. लागत में विविधता
2. मिट्टी के गुणवत्ता में विविधता
3. पानी की सुविधा मै विविधता
4. जलवायु में विविधता
5. श्रम करने में विविधता

Msp से किसानों में क्या फायदा है?


न्यूनतम सर्मथन मूल्य यानी मिनिमम सपोर्ट प्राइस या एमएसपी किसानों की फसल की सरकार द्वारा तय कीमत होती है, राशन सिस्टम के तहत जरूरत मंद लोगों को अनाज मुहैया कराने के लिए इस एमएसपी पर सरकार किसानों से उनकी फसल खरीदती है,बाजार में उस फसल के रेट भले ही कितने ही कम क्यों न हो, सरकार उसे तय एमएसपी पर ही खरीदेगी।

1. Msp के माध्यम से किसानों की फसलों का दाम नहीं करता है।
2. एमएसपी के माध्यम से अन्नदाताओं का नुकसान कम होता है।
3. यदि बाजारों में किसानों की फसलों का दाम गिर जाता है, तब भी उन्हें एक निर्धारित एमएसपी प्रदान की जाती है।
4. Msp के माध्यम से किसानों की आय में वृद्धि होती है किसानों को एमएसपी प्राप्त करने की तसल्ली रहती है, सरकार द्वारा उन्हें तय की गई एमएसपी समय पर प्राप्त होती है।
5. सरकार प्राइवेट कंपनियों पर ही इसके लिए दबाव बना सकती है कि वे फसलों को एमएसपी पर खरीदें, जैसा गन्ने के लिए होता है।
6. सरकार अपनी एजेंसी जैसे भारतीय खाद्य निगम, भारतीय कपास निगम, के ज़रिए एमएसपी पर किसानों से फसल खरीदे।

MSP को लेकर किसान आंदोलन क्यों कर रहे हैं?


किसानों को यह लग रहा है कि,
1. Msp खत्म हो जाएगा ।
2. मंडिया बंद हो जाएगी ।
3. कॉन्ट्रैक्ट फार्मिग मुश्किलें बढ़ जाएंगी।
4. राशन दुकान बंद हो जाएगी।
5. जमाखोरी कालाबाजारी बढ़ जाएगी।

Msp किस किस फसल पर मिलता है?


इसमें 7 अनाज वाली फसलें हैं- धान, गेहूं, बाजरा, मक्का, ज्वार, रागी, जौ
5 दालें - चना, अरहर, मूंग, उड़द, मसूर
7 ऑयलसीड - मूंग, सोयाबीन, सरसों, सूरजमुखी, तिल, नाइजर या काला तिल, कुसुम

MSP पर विवाद क्यों?


आंदोलनकारी किसानों का तर्क है कि कृषि कानूनों के जरिए msp खत्म करने की साजिश हो रही थी। हालांकि, अब सरकार ने कानूनों को वापस लेने के फैसले के बाद एमएसपी को लेकर कुछ और कदम उठाने की बात कही है, लेकिन किसानों को भरोसा नहीं है।

पीएम मोदी ने एक समिति बनाने की घोषणा की?

पीएम मोदी ने कहा है कि शून्य बजट आधारित कृषि को बढ़ावा देने, देश की बदलती जरूरतों के अनुसार खेती के तौर-तरीकों को बदलने और न्यूनतम समर्थन मूल्य को अधिक प्रभावी व पारदर्शी बनाने के लिए एक समिति गठित की जाएगी। इस समिति में केंद्र सरकार, राज्य सरकारों, किसानों के प्रतिनिधियों के साथ साथ कृषि वैज्ञानिक और कृषि अर्थशास्त्री भी शामिल होंगे।

MSP से जुड़े कुछ सवाल


1. Msp का फुल फॉर्म क्या है।
उत्तर. न्यूनतम समर्थन मूल्य

2. Msp का आरंभ वर्ष क्या है।
उत्तर. 1966-67

3. Msp किसके द्वारा प्रदान किया जाता है।
उत्तर .केंद्र सरकार द्वारा।

4. Msp किस को प्रदान किया जाता है।
उत्तर. देश के किसानों को ।

5.Msp का उद्देश्य क्या है।
उत्तर. किसानों को निर्धारित आय प्रदान करना ।

निष्कर्ष

आज हमने अपने इस लेख के माध्यम से आपको MSP से संबंधित सभी जानकारी प्रदान कर दी है, यदि आपको न्यूनतम समर्थन मूल्य से संबंधित कोई भी कठिनाई आती है, तो आप हम से नीचे कमेंट बॉक्स में कमेंट करके पूछ सकते हैं, आप का कमेंट हमारे लिए महत्वपूर्ण है, आगे भी इसी तरह आपको अपने इस लेख के माध्यम से और चीजों के बारे में जानकारी प्रदान करते रहेंगे।

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